Barsati Munib

Socialist Politician

गन्ना किसानों का बकाया नहीं चुका रही है सरकार!! — July 18, 2020

गन्ना किसानों का बकाया नहीं चुका रही है सरकार!!

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री नरेश उत्तम पटेल ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों का बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वयं गन्ना मंत्री ने स्वीकार किया है कि गन्ना किसानों का उत्तर प्रदेश की चीनी मिलो में 13380 करोड़ रूपये (तेरह हजार तीन सौ अस्सी करोड रूपये) बकाया है। फरवरी 2020 में विधान परिषद में गन्ना मूल्य बकाये की समाजवादी पार्टी द्वारा नियम 105 में उठायी गई सूचना पर गन्ना मंत्री ने कहा था कि शीघ्र पाई-पाई बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करा दिया जायेगा।
मार्च 2017 में सरकार बनते ही मुख्यमंत्री जी द्वारा 14 दिन में गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान करने की घोषणा की गई थी तथा विधानसभा में भी शीघ्र गन्ना मूल्य भुगतान करने की बात दोहराई गयी। भाजपा सरकार को पदारूढ हुए साढ़े तीन वर्ष बीत रहे है परन्तु गन्ना किसानों का बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है जो चिन्ता का विषय है। एक तरफ सरकार कोरोना वैश्विक महामारी में आत्म निर्भर भारत का सब्जबाग दिखाने में लगी है। उसने बेरोजगारों को कृषि क्षेत्र में रोजगार देने की हवा हवाई बातें कर किसानों, नवजवानों को गुमराह कर दयनीय आर्थिक स्थिति में पहुंचा कर डिप्रेशन में जीने पर मजबूर कर दिया। आये दिन किसान, नवजवानों की आर्थिक परेशानी से आत्महत्या की सूचनायें अखबारों की सुर्खियों में रहती है। समाजवादी पार्टी व संगठनों द्वारा किसानों के गन्ना मूल्य के बकाये का भुगतान करने की मांग सरकार को ज्ञापन द्वारा लगातार की जा रही है परन्तु सरकार द्वारा कोरे आश्वासन दिये जाते हैं।
कोरोना वैश्विक महामारी की आनेवाली विभीषिका के बारे में फरवरी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री अखिलेश यादव जी ने लोकसभा से लेकर प्रेस मीडिया के माध्यम से सरकार से सही कदम उठाने की बात कही थी परन्तु भाजपा के नेताओं ने अहंकार में उस पर कान नहीं दिया। 21 दिन का लाॅकडाउन कर कोरोना भगाने के लिये ताली, थाली बजवाकर नाटक किया गया तथा प्रधानमंत्री जी को दुनिया का महानायक होने के विज्ञापन दिखाये गए। भाजपा सरकार ने महंगाई बढ़ाकर आम आदमी को परेशानी में डाल दिया है। दवा के अभाव से मरीज दम तोड़ रहे हैं। इलाज तथा दवा की उचित व्यवस्था न होने से उत्तर प्रदेश में कोरोना बीमारों की संख्या में प्रतिदिन वृद्धि चिन्ता का विषय है। उत्तर प्रदेश सरकार की असफलता दिन के उजाले की तरह साबित हो गई है।
(नरेश उत्तम पटेल)

लालू यादव अगर लालू बाजपेयी होते तो सम्भ्रांत समाज कैसे सोचता? — July 15, 2020

लालू यादव अगर लालू बाजपेयी होते तो सम्भ्रांत समाज कैसे सोचता?

यही लालू प्रसाद का नाम अगर लालू पांडेय, लालू मिश्रा, लालू झा, लालू बसु, लालू जोशी, लालू श्रीवास्तव, लालू सहाय, लालू दूबे, लालू चौबे, लालू त्रिपाठी, लालू तिवारी, लालू द्विवेदी, लालू त्रिवेदी, लालू चतुर्वेदी, लालू बनर्जी, लालू मुखर्जी, लालू चटर्जी, लालू भट्टाचार्य, लालू बंदोपाध्याय, लालू मुखोपाध्याय, लालू चट्टोपाध्याय, लालू महाजन, लालू जेटली, लालू सरदेसाई, लालू मंगेश्कर, लालू उपाध्याय, लालू वाजपेयी, लालू आडवाणी, लालू अवस्थी, लालू पाठक, लालू भार्गव, लालू दीक्षित, लालू वात्स्यायन, लालू त्यागी, लालू शुक्ला, लालू पंत, लालू भारद्वाज, लालू तेंदुलकर, लालू ओझा, लालू कुलश्रेष्ठ, लालू गडकरी, लालू भागवत या लालू पर्रिकर होता, तो मेरे जैसे व्यक्ति को लालू पर लगातार लेखनी चलाने की ज़रूरत नहीं पड़ती, पहले ही उन पर ग्रंथ के ग्रंथ लिखे जा चुके होते, और तब मैं अपनी यही ऊर्जा ईपीडब्ल्यू-मैनस्ट्रीम-वर्ल्ड फ़ोकस-कम्युनिकेटर-मैस मीडिया, आदि के लिए रिसर्च पेपर लिखने में लगा रहा होता।

पर, मेरी दिक्कत है कि मैं बेईमान नहीं हो सकता। किसी विषय पर जो सोचता हूँ, समझता हूँ, बूझता हूँ, परखता हूँ, वही तो लिखूँगा, वही तो बोलूंगा। मेयारे-ज़माना से अपना मेयार तय नहीं करता। हाँ, कल अगर वैचारिक यात्रा के दौरान कुछ और समझ में आएगा, तो वह लिखूँगा। गांधी के लगभग आधी सदी के सियासी सफ़र को देखें, तो उस यात्रा में आपको एक क़िस्म की विकासशीलता नज़र आएगी। इसलिए, मैं नाउम्मीदी में नहीं जीता।

उदय प्रकाश कितना सही कहते हैं:

आदमी मरने के बाद कुछ नहीं सोचता
आदमी मरने के बाद कुछ नहीं बोलता
कुछ नहीं सोचने और कुछ नहीं बोलने से
आदमी मर जाता है।

— लेख सोशल मीडिया से प्राप्त

साइकिल हमारी उम्मीद और विश्वास का प्रतीक है! — March 11, 2020

साइकिल हमारी उम्मीद और विश्वास का प्रतीक है!

साइकिल केवल चुनाव निशान नहीं है। प्रदेश की एक बड़ी आबादी ने इस साइकिल को सत्ता के गलियारे तक पहुँचाने में अपना ख़ून पसीना दिया है। इसलिये जो भी साइकिल के साथ है उसका जुड़ाव राजनीतिक कम भावनात्मक ज़्यादा है।

पहली बार जब साइकिल सत्ता के गलियारे तक पहुँची तो इस प्रदेश के मेहनतकश, खेतिहर और पशुपालक समाज को केंद्र में रखकर हर सरकारी नीतियाँ बनने लगीं।

जब इस साइकिल पर देश के रक्षा मंत्रालय की ज़िम्मेदारी आई तो किसानों के बेटों जो देश की सुरक्षा कर रहे हैं, को केंद्र में रखकर ऐसी ऐसी नीतियाँ बनाई गई जिसके कारण आज भी देश का हर सैनिक नेताजी को याद करता है।

उसी तरह जब Akhilesh जी ने ज़िम्मेदारी ली तो इस साइकिल की रफ़्तार को प्रदेश की बुजुर्ग महिलाओं, ग़रीब नौजवानों और किसानों के रोज़गार, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा की ओर मोड़ दिया।

जन विरोधी भाजपा सरकार में बड़ी उम्मीद से प्रदेश की जनता साइकिल की राह देख रही है। हमेशा की तरह साइकिल की रफ़्तार धीमी करने के लिए ग़रीब, किसान व नौजवान विरोधी ताक़तों ने धर्म को राजनीति में घसीटकर नफ़रत का व्यापार शुरू कर दिया गया है।

विरोधियों की हर साज़िश को इस साइकिल ने बड़े ही प्यार से कुचला है। अबकी बार साइकिल की रफ़्तार बता रही है कि विरोधियों को दर्दनाक रूप से रौंदा जाएगा। क्योंकि अबकी बार साइकिल की ज़िम्मेदारी जनता के हाथ में है और आप तो जानते ही हैं जनता बदला ज़रूर लेती है।

Ratnesh Shepherd

लोन के खेल में बैंक बर्बाद किए जा रहे हैं! — March 9, 2020

लोन के खेल में बैंक बर्बाद किए जा रहे हैं!

सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार घोटाला अप्रैल से जून 2018 के बीच शुरू हुआ था जब यस बैंक ने घोटालाग्रस्त दीवान हाउसिंग वित्त निगम लिमिटेड के अल्पावधि ऋणपत्र में 3700 करोड़ रुपये का निवेश किया था।

ये सभी लोन 2014 के बाद के है, इसको बचने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को बर्बाद करने के लिए उतारू है सरकार, वित्तमंत्री जी कहती है कांग्रेस की वजह से। 2014 के बाद कांग्रेस की सरकार थी क्या ? देश को गर्त में कर दिया इन्होंने।

ये सारा खेल सरकार की आंखों के सामने चलता रहता है. लेकिन केंद्र सरकार, इकनोमिक ऑफेंस विंग, CBI चुपचाप बैठकर तमाशा देखती है।

चंदा कोचर के मामले में ICICI ने वीडियोकॉन को 1800 करोड़ का लोन दिया।

बदले में वीडियोकॉन के वेणुगोपाल धूत ने दीपक कोचर के Nu पावर में निवेश किया।

इसे हिंदी में दलाली कहते हैं-

YES बैंक मामले में संस्थापक राणा कपूर ने DHFL में 3700 करोड़ का निवेश किया. बदले में DHFL ने राणा कपूर की बेटियों की फर्म DUVPL में 600 करोड़ का निवेश किया।

आज राणा कपूर की एक बेटी को ब्रिटेन जाने से पहले ही एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया।

सवाल यह है कि बीते 2 साल से मोदी सरकार की आंखों के सामने, यह खेल चल रहा था तो आज ही नींद क्यों टूटी?

जवाब कड़वा है: “ये न खाऊंगा, न खाने दूंगा कहने वाले के मुंह पर थप्पड़ है।”

CBI ने राणा के खिलाफ FIR दर्ज की है. CBI किसी FIR को तब तक सार्वजनिक नहीं करती, जब तक छापे और जब्ती न हो जाये।

लेकिन ED यानी प्रत्यावर्तन निदेशालय, लगातार सूचनाओं को लीक कर रहा है!

किसके इशारे पर? किसके फायदे के लिए?

सब जानते हैं जी!

किसको नहीं पता???

आप जब नींद के आगोश में बेखबर होते हैं तो भी सन्नाटे में कहीं खबर बन रही होती है. सूरज उगा रहता है, दुनिया के दूसरे छोर पर।

हमारे प्रधानमंत्री के बारे में कहा जाता है कि वे 18 घंटे काम करते हैं। खुद को चौकीदार बता चुके हैं:

1. लेकिन हर बार ऐसा क्यों होता है कि “जहाज़ डूबने के बाद खोज-खबर शुरू होती है?”

अगर YES बैंक के संस्थापक राणा कपूर ने, फर्जी कंपनियां बनाकर 2400 करोड़ की दलाली खाई है, तो अब इसके खुलासे का क्या मतलब?

2. गुनाह को होते देखना या उससे आंख मूंदे रहना भी गुनाह है. कानूनन यह गुनाह में संलिप्तता है.

बैंक डूब गया. लोगों के पैसे डूब गए, लेकिन PM साहब 5 ट्रिलियन की रट लगाए हुए हैं.

3. उधर सऊदी अरब ने कल तेल के दाम घटा दिए, ऑस्ट्रेलिया का शेयर बाजार औंधे मुंह आ गिरा, भारतीय शेयर बाजार पर क्या इसका असर नहीं होगा?

4. कोरोना वायरस ने जापान को मंदी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है, लेकिन मोदी जी, फंडामेंटल और ग्लोबल इकॉनमी की बात करते हैं. शेयर बाजार पर असर उन्हें समझ नहीं आता!

जग हंसाई हो रही है जी!

अपने ही पड़ोस में हज़ारों लोग मोदीजी की यात्रा के खिलाफ सड़कों उतर आए! रातों-रात कोरोना वायरस का डर बताकर 17 मार्च की बांग्लादेश यात्रा रद्द करनी पड़ी।

उम्मीद यही है कि आने वाले दिनों में भारतीय अर्थव्यवस्था पर संकट और गहरायेगा. बैंकिंग सिस्टम ध्वस्त होने की कगार पर है.

शायद प्रधानमंत्री फिर भी चुप रहें. झूठे सपने बेचते रहें।

देश को हिन्दू-मुस्लिम, पाकिस्तान और गांधी-नेहरू में उलझाते रहें।

लेकिन क्या ये ज्यादा दिन चलने वाला है?

“यस बैंक के डूबने की खबर है साथ में शेयर बाजार में हाहाकार मचा हुआ है , फेसबुक पर हर कोई अर्थशास्त्री बन कर अर्थव्यवस्था का ज्ञान दे रहा है ,

चलिए एक बात बताइए भारत का सबसे अमीर व्यक्ति कौन है ?

आप का जवाब होगा मुकेश अंबानी.

मगर यह बात आपको बताई किसने ? टीवी ने ही ? वही टीवी न्यूज़ चैनल, जिसके मालिक मुकेश अंबानी जी हैं…

क्या आपको मालूम है मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज पर साढे तीन लाख करोड़ रुपए का कर्जा है ?

जिसके ऊपर साढे तीन लाख करोड़ रुपए का कर्जा हो वह भारत का सबसे अमीर व्यक्ति कैसे हो सकता है भला ? यह बात शायद आप पूरी जिंदगी ना समझ पाए .. खैर आप लोगों को समझाने का कोई फायदा भी नहीं …

चलिए मुफ्त का ज्ञान देता हूं:

भारत में सबसे ज्यादा पैसा LIC के पास है , उसके बाद SBI के पास और उसके बाद ONGC के पास …

LIC और SBI से आप लोग परिचित ही होंगे मगर ONGC का नाम कुछ ही लोग जानते होंगे ..

ONGC की हैसियत के बारे में बस इतना जान लीजिए कि अगर ONGC चाहे तो मुकेश अंबानी की सारी संपत्ति उनका आवास गाड़ी बंगले सब कुछ एक झटके में खरीद कर चाहे तो उनसे मुजरा करवा सकती है …

भाजपा सरकार की मदद से मुकेश अंबानी ने ONGC के 92 हजार करोड़ रुपए दबा कर बैठे हुए हैं।

ONGC सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा भी जीत चुकी है. फिर भी मुकेश अंबानी पैसे नहीं देने वाले, मगर यह खबर कोई न्यूज़ चैनल ना कोई अखबार आपको बताएगा!

साढे तीन लाख करोड़ के कर्ज वाली कंपनी रिलायंस का शेयर 1300₹ का है , जबकि नगद भंडार से भरपूर ONGC के शेयर का मूल्य मात्र ₹90 है ….

रिलायंस के शेयर का मूल्य कब 1300 से 13 रूपए आ जाएगा आपको पता भी नहीं चलेगा, मगर ONGC का एकबाल भी टेढ़ा नहीं हो पाएगा, जापान से ले के रसिया अमेरिका , ऑस्ट्रेलिया, वेनेजुएला, कुवैत, ईरान, इराक, समेत विश्व के 20 देशों में ONGC के कुएं हैं।

और हां ONGC एक सरकारी कंपनी ही है …”

राममंदिर ट्रस्ट बेईमानों के हाथ में- बरसाती मुनीब — February 8, 2020

राममंदिर ट्रस्ट बेईमानों के हाथ में- बरसाती मुनीब

श्री राम चन्द्र जी के मंदिर में राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष श्री नृत्य गोपाल दास जी की अनुपस्थिति,

श्री राम जन्मभूमि मन्दिर के पुजारी श्री गोपाल सिंह विशारद की दूरी

श्री राम चबूतरा के मालिक निर्मोही अखाड़ा को सम्मान न देना ,

श्री विनय कटियार ,

श्री डॉ राम विलास वेदांती

सबसे बड़ी बात वर्तमान राम जन्मभूमि स्थान के संस्थापक श्री रामचन्द्रदास परमहंस के अखाड़े को नजर अंदाज करना ,

इन सबसे ज्यादा जरूरी था श्री रामानंद व श्री रामानुज सम्प्रदाय को बाहर रखना,

इससे भी ज्यादा आपत्ति जनक यह कथित स्वयम्भू शंकराचार्य श्री वासुदेवानंद जी जो शैव मतावलंबी है, को स्थान देना ,

लगता इस असंतुलित निर्णय की परछाई आगे पड़ेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में राम मंदिर ट्रस्ट के बारे में घोषणा की थी !

ये होंगे ट्रस्टी

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1. के पाराशरण: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील हैं। इन्होंने अयोध्या मामले में 9 साल हिंदू पक्ष की पैरवी की। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी सरकार में अटॉर्नी जनरल रहे। पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित।

2. जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वतीजी महाराज (प्रयागराज): बद्रीनाथ स्थित ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य। हालांकि, इनके शंकराचार्य बनाए जाने पर विवाद भी रहा। ज्योतिष मठ की शंकराचार्य की पदवी को लेकर द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने हाईकोर्ट में केस दाखिल किया था।

3. जगतगुरु मध्वाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ जी महाराज: कर्नाटक के उडुपी स्थित पेजावर मठ के 33वें पीठाधीश्वर हैं। दिसंबर 2019 में पेजावर मठ के पीठाधीश्वर स्वामी विश्वेशतीर्थ के निधन के बाद पदवी संभाली।

4. युगपुरुष परमानंद जी महाराज: अखंड आश्रम हरिद्वार के प्रमुख। वेदांत पर 150 से ज्यादा किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। इन्होंने साल 2000 में संयुक्त राष्ट्र में आध्यात्मिक नेताओं के शिखर सम्मेलन को संबोधित किया था।

5. स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज: महाराष्ट्र के अहमद नगर में 1950 में जन्म हुआ। रामायण, श्रीमद्भगवद्गीता, महाभारत और अन्य पौराणिक ग्रंथों का देश-विदेश में प्रवचन करते हैं। स्वामी गोविंद देव महाराष्ट्र के विख्यात आध्यात्मिक गुरु पांडुरंग शास्त्री अठावले के शिष्य हैं।

6. विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा: अयोध्या राजपरिवार के वंशज। रामायण मेला संरक्षक समिति के सदस्य और समाजसेवी। 2009 में बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा, हारे। इसके बाद कभी राजनीति में नहीं आए।

7. डॉ. अनिल मिश्र, होम्पयोपैथिक डॉक्टर: मूलरूप से अंबेडकरनगर निवासी अनिल अयोध्या के प्रसिद्ध होम्योपैथी डॉक्टर हैं। वे होम्योपैथी मेडिसिन बोर्ड के रजिस्ट्रार हैं। मिश्रा ने 1992 में राम मंदिर आंदोलन में पूर्व सांसद विनय कटियार के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अभी संघ के अवध प्रांत के प्रांत कार्यवाह भी हैं।

8. श्री कामेश्वर चौपाल, पटना (एससी सदस्य): संघ ने कामेश्वर को पहले कारसेवक का दर्जा दिया है। उन्होंने 1989 में राम मंदिर में शिलान्यास की पहली ईंट रखी थी। राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका और दलित होने के नाते उन्हें यह मौका दिया गया। 1991 में रामविलास पासवान के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा।

9. बोर्ड ऑफ ट्रस्टी द्वारा नामित एक ट्रस्टी, जो हिंदू धर्म का हो।

10. बोर्ड ऑफ ट्रस्टी द्वारा नामित एक ट्रस्टी, जो हिंदू धर्म का हो।

11. महंत दिनेंद्र दास: अयोध्या के निर्मोही अखाड़े के अयोध्या बैठक के प्रमुख। ट्रस्ट की बैठकों में उन्हें वोटिंग का अधिकार नहीं होगा।

12. केंद्र सरकार द्वारा नामित एक प्रतिनिधि, जो हिंदू धर्म का होगा और केंद्र सरकार के अंतर्गत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का अफसर होगा। यह व्यक्ति भारत सरकार के संयुक्त सचिव के पद से नीचे नहीं होगा। यह एक पदेन सदस्य होगा।

13. राज्य सरकार द्वारा नामित एक प्रतिनिधि, जो हिंदू धर्म का होगा और उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का अफसर होगा। यह व्यक्ति राज्य सरकार के सचिव के पद से नीचे नहीं होगा। यह एक पदेन सदस्य होगा।

14. अयोध्या जिले के कलेक्टर पदेन ट्रस्टी होंगे। वे हिंदू धर्म को मानने वाले होंगे। अगर किसी कारण से मौजूदा कलेक्टर हिंदू धर्म के नहीं हैं, तो अयोध्या के एडिशनल कलेक्टर (हिंदू धर्म) पदेन सदस्य होंगे।

15. राम मंदिर विकास और प्रशासन से जुड़े मामलों के चेयरमैन की नियुक्ति ट्रस्टियों का बोर्ड करेगा। उनका हिंदू होना जरूरी है।

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नियम: जो ट्रस्टी हैं उनकी ओर से (सीरियल नंबर 2 से 8 तक के) 15 दिन में सहमति मिल जानी चाहिए। ट्रस्टी नंबर 1 इस दौरान ट्रस्ट स्थापित कर अपनी सहमति दे चुका होगा। उसे सीरियल नंबर 2 से सीरियल नंबर 8 तक के सदस्यों की तरफ से ट्रस्ट बनने के 15 दिन के अंदर सहमति ले लेनी होगी।

ट्रस्ट क्यों बनाया गया है/

a) अयोध्या में रामजन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर बनाने और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मंदिर निर्माण में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने के लिए।

b) बड़ी पार्किंग, श्रद्धालुओं के लिए सारी सुविधा, सुरक्षा के लिए अलग से जगह, परिक्रमा के लिए सही इंतजाम करने होंगे। श्रद्धालुओं के लिए सभी तरह की सुविधाएं जैसे- अन्नक्षेत्र, किचन, गौशाला, प्रदर्शनी, म्यूजियम और सराय का इंतजाम करना होगा।

(c) कानूनी रूप से ट्रस्ट श्रद्धालुओं की सुविधाओं और मंदिर निर्माण के लिए पैसे और अन्य महत्वपूर्ण चल-अचल संपत्तियों को खरीदने, दान लेने या किसी दूसरे तरीके से इन चीजों को इकठ्ठा करेंगे। उसकी देखरेख का इंतजाम करेंगे।

अयोध्या में राम मंदिर के लिए बनने वाले ट्रस्ट के लिए 15 लोगों को चुना गया है।

सवर्ण – 14

दलित – 1

पिछड़ी जाति – 0

अरे पंडों …. कम से कम ट्रस्ट का एक – एक सदस्य उमा भारती और कल्याण सिंह की लोध बिरादरी से और एक सदस्य विनय कटियार की कुर्मी बिरादरी से भी बना देते।।

वैसे मंदिर बनवाने तो कुर्मी, काछी, लोधी, तेली, तमौली, मल्लाह, अहीर, जाट, गूजर, गड़रिया, लोहार, कहार, चर्मकार, खटीक, पासी, बाल्मीकि, सभी विरादरी के लोग गए थे।

पर इन विरादरी में से किसी को भी राम मंदिर ट्रस्ट में जगह नहीं मिली।।

ये तो वही बात हुई कि मेहनत भी करवाई और मजदूरी भी नहीं दी।।

ओबीसी के हिंदुओं तुम लोग सिर्फ पंडों के बंधुआ मजदूर हो….जब मंदिर से होने वाली कमाई की मलाई खाने की बात आई तो पंडों ने तुम्हें दूध में पड़ी मक्खी की तरह बाहर फेंक दिया।।

यही है तुम्हारी औकात…. अब बजाओ घंटा।।

कम से कम अब तो उमा भारती, कल्याण सिंह, विनय कटियार को अपने समाज की हिस्सेदारी के लिए मुंह खोलना चाहिए।।

हिंदू विरोधी भाजपा सरकार ने कुर्मी, काछी,पाल, अहीर, गूजर, जाट, लोध, तेली, तमौली, लोहार, कहार , कलवार, नाई, निषाद चौरसिया ,पासी, बाल्मीकि, धोबी, कोरी, खटीक, जाटव जाति के हिंदुओं का आरक्षण खत्म कर दिया।।

आखिरकार भाजपा इन जातियों के हिंदुओं से नफरत क्यों करती है।।

साफ है कि भाजपा हिंदुओं के आरक्षण की विरोधी है।। देश का हिंदू समाज हिंदुओं के आरक्षण का विरोध करने वाली भाजपा को सबक सिखाएगा।।

भाजपा क्यों नहीं चाहती कि हिंदू धर्म की इन जातियों के लोग नौकरी करें।।

जो पार्टी हिंदुओं को मिलने वाली नौकरियों का विरोध करती है, जो पार्टी हिंदुओं को मिलने वाले आरक्षण का विरोध करती है..वो पार्टी हिंदू विरोधी है।।

देश का हिंदू समाज हिंदू धर्म विरोधी को सबक सिखाएगा।।

– बरसाती मुनीब

9454728456

देश में धार्मिक मनोरोगियों की पूरी फ़ौज तैयार- बरसाती मुनीब — February 4, 2020

देश में धार्मिक मनोरोगियों की पूरी फ़ौज तैयार- बरसाती मुनीब

देश में धार्मिक मनोरोगियों की पूरी फ़ौज तैयार है। देश के एक मंत्री ने जब ‘देश के गद्दारों को, गोली मारो …. को’ का नारा दिया और एक दूसरे भाजपाई नेता ने दिल्ली में हिंदुस्तान और पाकिस्तान की सीमा खींच दी तो राष्ट्रभक्तों की कतारें सड़कों पर निकल आईं। परसो एक उन्मादी भक्त गोपाल ने ‘पाकिस्तान’ के एक शहर जामिया के इलाके में सर्जिकल स्ट्राइक कर एक ‘पाकिस्तानी’ युवा को गोली मारकर घायल कर दिया। आज देश के एक दूसरे उन्मादी कपिल गुर्जर ने ‘पाकिस्तान’ के एक दूसरे शहर शाहीन बाग़ में घुसकर गोलियों की बौछार ही कर दी।

यदि आप सरकार की नीतियों के विरोधी और धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों के समर्थक हैं तो आप भी पाकिस्तानी हैं। सावधान हो जाईए, कल भारत माता के ये ‘सपूत’ कट्टे लहराते हुए आपके दरवाज़े तक भी पहुंच सकते हैं !

धार्मिक नफरत इतनी बढ़ गयी है कि देश प्रेसर कुकर बन गया है। हर तरह जाहिलों और उन्मादियों की फौज उग आई है, देश कहाँ जाने वाला है पता नही। कितने पाकिस्तान उपन्यास में कमलेश्वर ने किसी की पंक्तियां उद्धरित किया है–

‘इन बंद कमरों में सांस घुटी जाती है।

खिड़कियां खोलता हूँ तो जहरीली हवा आती है।।’

– बरसाती मुनीब

9454728456

The Journey Begins — February 1, 2020
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